Taro Sath Jankhi Rahyo Chu
तमारी यादमां हुं घायल बन्यो छु.. कहेवु छे मारे आज...
प्रभु तमारी प्रीतमां हुं पागल बन्यो छं.. तारो साथ झंखी रह्यो छं, दिन-रात झंखी रह्यो छं, मारा नाथ झंखी रह्यो छु, तारो साथ झंखी रह्यो छं..
तारू रूप अनुपम जोई, आ आंख मारी रोई, एवो वस्यो तु मनमां, बीजु वसे ना कोई, देदार तारो सोहे, वीतरागता मन मोहे, तारा गुणोथी जिनवर, हुं तो गयो अंजाई, प्रभु तमारा.. (२) स्नेह मा हुं शायर बन्यो छु, तारो अभिषेक करवा जाने वादळ बन्यो छं, कहेवु छे मारे आज...
तारी कृपा थी मारा, सहु कार्य सिद्ध थाए, तारी दया थी दादा, मारा दोष दूर जाए, तारा मार्ग पर हुं चालुं, मने सत्व देजे एवं, तारा उपकारो मुजथी, क्षण एक ना भुलाए, प्रभु तमारा.. (२) मार्गमां हुं आगळ वध्यो छु, तारी एक झलक माटे उतावळ थयो छु, कहेवु छे मारे आज...
Lyrics: Bhartiben Gada