DHANYA DHANYA BANAVISH JANAMA MAHARO








धन्य धन्य बनावीश जन्म माहरो, मने पंथ जड्यो छे दादा ताहरो.. जे पथ पर चाल्या स्वयं तीर्थंकरो, ऐवो पंथ जड्यो छे दादा ताहरो..

कोई कहेशे के हैये मने डर हशे, कोई कहेशे के मुश्किल सफर हशे ... मने विश्वास छे मारा शासन पर, जेनी करूणाथी भीनी आ सृष्टि सभर... गुरू भगवंत नो मल्यो मने आशरो, जेना धनी बैठा स्वयं तीर्थंकरो.. धन्य धन्य बनावीश... [१]

ज्यारे संयम अपाशे हशे मुक्ति लक्ष, नाचीश ओघो लईने हुं सहुनी समक्ष... मन मा राखीश सत्य अहिंसा नो पक्ष, दादा रहेजो हजरा- हजुर प्रत्यक्ष... मारा श्वाशमां श्वाश नवो पाथरो, लखी आपो मुक्ति सुख ना हस्ताक्षरो.. धन्य धन्य बनावीश... [२]

मने चालता विहार मा काँटा खुंचे, भले कोई मने सुख शांता पुछे... भले ना कोई मान मळे ऊंचे, भले कोई मने गुरू जेम पुजे... नहीं बांधीश हुं आशाना वादळो, राखीश समता ने शाता मा हरपळो.. धन्य धन्य बनावीश... (३)

Sung by friends of mumukshu anita behan
Lyrics by: Chirag Shah Edit by pravesh malani
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