Mara Rome Rome Gunje Dada Neminathji
{ रैवतगिरी ना शिखरे सोहे श्यामळ मोहनगारजी, मारा रोमे रोमे गुंजे दादा नेमिनाथजी...).. (२)
{ऊंचा ऊंचा गिरिवर पर उत्तुंग जेनु शीखर, तेमा सोहे मारा वाहला नेमि परमेश्वर).. (२) प्रभुवर बावीशमा तीर्थंकर शीवादेवी नंदजी, मारा रोमे रोमे गुंजे दादा नेमिनाथजी .... रैवतगिरी ना शिखरे...
{ पशुओं ने कारण जेने राजुल त्यागी, रथडो वाडीने पाछो बन्या वितरागी}..(२) घाति कर्म क्षय कीधा पाम्या केवलज्ञानजी, मारा रोमे रोमे गुंजे दादा नेमिनाथजी... रैवतगिरी ना शिखरे...
{ केवु अद्भुत प्रभु आपनु आकर्षण, पुष्प श्यु कोमल हेम श्यु शीतल ) . . ( २ ) तारी छाया ने पामीने माणु परमानंदजी, मारा रोमे रोमे गुंजे दादा नेमिनाथजी...
रैवतगिरी ना शिखरे...
Singer:Manthan shah(malad)
Music:Akash shah
Prerna:Pa.Pu.Sa.ishtasiddhi shreeji M.S