Rajoharan Jhankhana Stuti
रजोहरण ! तू जगत भरनो सर्व श्रेष्ठ खिताब छे, रजोहरण! तू कर्म कक्षणे बाळवा तेजाब छे, रजोहरण! कली कालमा तू परमपदनी आस छे, रजोहरण ! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [१]
आ विश्वना सहु जीव साथे, प्रेमनो प्रस्ताव तू, भवना भयानक सागरे छे, तारनारी नाव तू, मुक्ति वधुने पामवानी, तू ही एक अभिलाष छे, रजोहरण ! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [२]
क्यारे तो गुरु हाथ थी, आविश तू मुझ हाथ मा, उल्लास थी, उमंग थी, उत्साह थी, तुझ साथ मा, नाची झूमिने कहीश के, तू मारो सवथी खास छे, रजोहरण ! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [३]
तू आव मारा जीवनमा, सत्कारवा आतुर छु, तुज संग केरा रंगना, उमंगमा चकचूर छु, तने पामवा तलसी रह्या, तड़पी रह्या, मुझ श्वास छे, रजोहरण! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [४]
शिव मार्ग केरी सफरमा छे, एक बस सथवार तू, रत्नत्रयी नो सार तू, जिनधर्म नो आधार तू, प्रत्येक जीवने शिव जोनारो, तू दिव्य प्रकाश छे, रजोहरण ! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [५]
जे होय अतिषय पुण्यशाली, तेज तुझने पामता, अभागीया तुझथी दरे, कदाय तुझने ना चाहता, सिप्रीत छे भव जेहना, तस हृदयमा तुझ वास छे, रजोहरण ! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [६]
गणधर महा मुनिवर तना, करकमलमा तू जई वस्यो, स्थूलिभद्र धन्ना धर्मरूचिना, चित्त थी तू नवी खस्यो, जे परम वैरागी बने, तस हैयु तुझ आवास छे, रजोहरण ! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [७]
सम्पूर्ण सुख आनंद केरु, भेटनु तुही धरे, भवोभव तना संक्लेशनो, उच्छेद तू पळमा करे, हे पुण्यसंचय जगत तिलक, एक मुझ अरदास छे, रजोहरण ! क्यारे मळीश ? तने पामवानी प्यास छे... [८]
Singer/music : Manthan shah
Mixed mastered : Manthan shah
Lyrics: Mayank jain