Saiyam ni dhun
संयम हैये रमे, साधु नो वेश गमे, वीर नामे सजवा, जावु छे साधु संगे....
संयम नी धुन मने लागी रे, बनवा वैरागी... एकावतारी थवानी धुन मने लागी रे..लागी रे, बनवा वैरागी... संयम नी धुन मने लागी रे, बनवा वैरागी... रजोहरण लेवानी धुन मने लागी रे..लागी रे, बनवा वैरागी...
चाली प्रभु पगले आज, आत्म थी अरिहंत बनु, कष्ट सही कर्मों बाळी, रागी थी वैरागी बनु...
संयम मारा अंतर नो आकाश, गुरु मारा शीतल चंद्र समान, जेथी थाशे मारो आत्म विकास, जेमा साचा सुख नुं सुवास, संयम नी धुन मने लागी रे, बनवा वैरागी... एकावतारी थवानी धुन मने लागी रे..लागी रे, बनवा वैरागी... चाली प्रभु पगले आज, आत्म थी अरिहंत बनु, कष्ट सही कर्मों बाळी, रागी थी वैरागी बनु...
संघ ना शुभ आशीष मळे, मुक्ति ना शिखरों शीघ्र चढे,
साधु थी सिद्धि सितारों बने, चमके प्रभु मुक्ति गगने, संयम नी धुन मने लागी रे, बनवा वैरागी... रजोहरण लेवानी धुन मने लागी रे..लागी रे, बनवा वैरागी... चाली प्रभु पगले आज, आत्म थी अरिहंत बनु, कष्ट सही कर्मों बाळी, रागी थी वैरागी बनु...
Singer: Vilesh Jain
Lyrics: Devanshi Gandhi
Music: Vishal Khatri
Video By: Parmeshwar Studios