Virti
विरती ...
विरतीनो पथ छे सुंदर, चाले स्वयं तीर्थंकर, चक्रवर्ती, शक्तीशाळी, सुरवरो पण झंखे,
विरती विरती विरती..(२)
क्यारे मोहराय, क्यारे अंतराय, क्यारे इच्छा ने, क्यारे मानमाया, ललकारे आतमने, युद्ध करशुं जीतवा जंग, लइने समता, सत्त्वनो रंग... विरतीनो पथ छे सुंदर, चाले स्वयं तीर्थंकर, चक्रवर्ती, शक्तीशाळी, सुरवरो पण झंखे, विरती विरती विरती..(२)
ए वीरनी देशना, ए दिलनी भावना, अर्पण करूं छं जीवन, रहुं गुरु आज्ञामय, ना जोउ वय ने काय, बस पामुं विरती, एवी ज झंखना... विरतीनो पथ छे सुंदर, चाले स्वयं तीर्थंकर, चक्रवर्ती, शक्तीशाळी, सुरवरो पण झंखे, विरती विरती विरती..(२)
Lyrics: Charmi Baria
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Virti · Gautam Baria · Kamalsingh Bhunawat · Charmi Baria · Gauravsingh Bhunawat
Virti
℗ Param Swar