Vitrag tuj paye padi







वितराग तुजपाये पड़ी हैं करूँ विनंती एटली. साधु नो वेश क्यारे मळे मांगु प्रभु बस एटलं... 
.. कुमकुम तणा ते छाँटणा, केसर तणा ते साथिया, रजोहरण क्यारे मळे, मांगु प्रभु बस एटलु...1..

जे मार्ग पर आरुढ़ थई, तीर्थकरों पण चालता,

जे मार्गने सूरलोकना, देवो सदा ए झंखता, जे मार्गने ग्रहीने अनंता, जीव सिद्धि पामता, ए परम संयम धर्मने, होजो सदा मुज वंदना... 2.

जे मार्गनो महिमा वदे, तीर्थकरो निज वाणीमां, जे मार्गनो महिमा गूंथे श्री गणधरों निज ज्ञानमां,

जे मार्गनो महिमा कहे, सहुं मुनिवरों उपदेशमां, ए परम संयम धर्मने, होजो सदा मुज वंदना... 3.

आराधना नुं अवतरण, आनंदनुं वहेतुं झरण, सावध सघळी पाप करणीओ, तणुं ज्यां विस्मरण,

मारा प्रभुनी जीवन शैलीनुं ज, ज्यां छे अनुसरण, भय मुक्त भावे युक्त ते, चारित्र पदने वंदना... 4

रहे भाव मनमां विरतिनो प्रभु एवं सत् मने आपजे, मुखमा रण नमो लोओ सव्व साहूणं नुं आपजे, शणगार काया पर श्रमणना, वेशनो मने आपजे,

बने मुक्त भवथी आतमा वरदान एवं आपजे...5 सो क्रोड श्रमणो धन्य छे, सानिध्य माणे छे सतत, सो क्रोड श्रमणी धन्य छे, साधे सतत निर्वाण पथ, क्यारेक तो हे नाथ तारो, हाथ मुज माथे फरे, क्यारेक तुज हाथे मने, रजोहरण प्रभु सांपडे, तारो हाथ मुज माथे फरे, मने रजोहरण प्रभु सांपडे... 6

song from spread jainism 
singer : Piyush Shah
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