Taro Sathvaro
तारो ने मारो संबंध न्यारो... मने याद आवशे तारो सथवारो...
तारा रूप उपर हु, ओ वारी जाऊ, तारा गुणो थी, अंजाई जाऊ, बस टगर मगर थई, हु जोवु तुझने, जाणे आखी दुनिया, मळी गयी मुझने, डुबतो हतो ने, मल्यो किनारो, मने याद आवशे तारो सथवारो...
तारा मिलन नी, जे क्षणो हती आ, मुझ जन्मारा नी, शुभ पळो हती आ, ए क्षणो हृदय मा, कंडारी लीधी मैं, आतम नी शेरी, शणगारी लीधी मैं, वसमो घणो छे, आ वियोग तारो, मने याद आवशे तारो सथवारो...