Jay Jay Garvo Girnar
जय जय गरवो गिरनार ... जय जय गरवो गिरनार... नेमनाथ गिरी शणगार... जय जय गरवो गिरनार... वंदन वंदन वंदन वंदन गिरनार तने वंदन...
पंचम शिखर शत्रुंजय तणुं, ए सिद्धगिरी छे धाम, कैलास उज्जयंत रैवत नंदभद्र, स्वर्ण गिरी गिरनार, नमो कर्णविहार प्रासाद... जय जय गरवो गिरनार ...
ज्यां शोभे अंबिका मात, शासनने सदा सुखकार, भावे प्रणमं श्री नेमि जिनेश्वर गिरी भूषण शणगार, पृथ्वी ना तिलक समान... जय जय गरवो गिरनार ...
छे अनंत आत्माओ तणी, दीक्षा भूमि गिरनार,
छे अनंता तीर्थंकर तणी, कैवल्य भूमि गिरनार, ने आवती चोवीसी तणी, निर्वाण भूमि गिरनार, अध्यात्म नगरी गिरनार... जय जय गरवो गिरनार...
चौद हजार नदीना ज्यां जळ समाया, शीतळ गजपद कुंड, ज्यां द्रष्टि अनुभवे धन्यता जोई राजुल रहनेमि ट्रंक, दीक्षा केवळ सहसावने नमो समवसरण जिनबींब, दीपे शिखरोनी माळ... जय जय गरवो गिरनार....
ज्यांना कणकण मां वसे, महापुरुषो ना बलिदान, धार पेथड सज्जन झांजडशा नाम वही आ रक्तधार, वंदु हिमांशुसूरी धर्मरक्षित, हेमवल्लभ मुनिराय, सौ चालो जइये गिरनार... जय जय गरवो गिरनार...
LICENSES : The Orchard Music (on behalf of Dharmadisha), and 3 Music Rights Societies
Singer : Paras Gada , Prashant Shah
Song From DharmDisha