Saiyam Sagpan Sachu
संयम सगपण साचुं.
तर्ज: (संयम क्यारे मळशे)
देव गुरुनी साथे करवुं छे सगपण, मोंघेरा मानव भवनं, आ साचुं गळपण, के संयम सगपण साचुं हुं ओघो लईने नाचुं....
मतलब नी दुनिया, स्वार्थी सगासौ, अहीं पल-पल दुख छे, छे विडंबना बहु, जाउं संयम पंथे, सुख छे ज्यां पल-पल, साधना नी मस्ती, आनंद छलोछल, देव-गुरुना सानिध्ये हुं, संयम जीवन पाळूं, वीरना पंथे वैरागी थई, कर्मों ने ओगाळु, के संयम सगपण साचुं, हुं ओघो लईने नाचुं...
स्वजनो आ मारा, मुजने पुछे छे, शुं तुं अमने छोडी, साचे दीक्षा लेशे ? आज सौनी सामे, एलान करूं छं, हा हुं तमने छोडी, जाउं प्रभुना देशे, उतावळ शेनी छे मुजने, केम करी बतलावुं, ओ मारा स्वजनो हुं तमने, केम करी समजावुं, के संयम सगपण साधुं हुं ओघो लईने नाचुं....
Rachna: Pu. Hemratna Vijayji M. S.
Singer
Diksharthi Silvi Ben
Lyrics
Pujya Muniraj Shri Hemratna Vijayji Mahraj Saheb
Music
CA Devansh Doshi
Flute
Shashank Acharya
Recorded at
CA Devansh Doshi's Studio
Special Thanks
Kalyan Mitra Maulik Bhai