Man aaj harkhe guruvar
मन आज हरखे गुरुवर हो...
तर्ज: (घन आज बरसे मनावर हो)
पल पावनी मन भावनी, आयी यहा मंगलकारी आओ पधारो साजना, आशीष दो जय जयकारी... {२}
सुखदायी है घड़ी आयी, वैराग्य की लहेर छायी तन मन जीवन में सुर झँकार लायी बासूरीया सारंगीया भर, त्याग रंग हो.... मन आज हरखे गुरुवर हो... (२) प्यारो लागे प्रभुवर हो, मन आज हरखे गुरुवर हो....
रूमझूम रूमझूम संयम राणी आँगण आयी झिलमिल झिलमिल विरती धर्म की ज्योत जगायी ये मार्ग प्रभु का मिले... (२) आतमा खिले, प्रार्थना प्रभुवर हो... मन आज हरखे गुरुवर हो... (२) प्यारो लागे प्रभुवर हो, मन आज हरखे गुरुवर हो....
मरुधर के मंडार नगर ने गौरव पाया भारत भर के घर घर में जयघोष गजाया देखो भवर जी चले...(२) दीप हैं जले त्याग के, मनोहर हो.... मन आज हरखे गुरुवर हो... (२)
प्यारो लागे प्रभुवर हो, मन आज हरखे गुरुवर हो.....
धन धन मात-पिता को वंदन, जय हो रघुनाथ जी नंदन मुक्तिप्रदायी प्रभु कृपा हैं पायी, तरने को तलसे आतम आशीष प्रेम से मिले... (२) गुण से खिले, साधना प्रभुवर हो.... मन आज हरखे गुरुवर हो... (२) प्यारो लागे प्रभुवर हो, मन आज हरखे गुरुवर हो....
Song from Dholakia Studio