Vairagi O Vairagi
{ वैरागी ओ वैरागी, हुं तारो थयो रागी, तारो थयो रागी, आ जगने भूली...).. (२)
एवो रंगायो आजे तारा रंगमां ओ गुरू.. (२) बीजो कोई हवे रंग लागे नहीं.. (२) वैरागी ओ वैरागी, हुं तारो थयो रागी, तारो थयो रागी, आ जगने भूली...
एवी प्रीति जगाडे तारो प्रेम ओ गुरू.. ( २ ) साची प्रीति जगाडे तारो प्रेम ओ गुरू एवी प्रीति जगाडे तारो प्रेम ओ गुरू कोई बीजानो प्रेम हवे फावे नहीं .. ( २ ) एवो रंगायो आजे तारा रंगमां ओ गुरू.. (२)
आ दुनिया शुं जाणे..(२) छे केवो तारो प्रेम वरसाव्यो धोध मारी उपर जे लोहमांथी बनी गयो हेम...
आप्युं वात्सल्य व्हाल, निःश्वार्थ ते गुरू.. (२) आवी मीठी ते हूंफ कोई आपे नहीं ते देखाड्यो जे मार्ग साचेसाचो छे गुरू.. (३) लई जाये परमना ज धामे ओ गुरु आंगळी झालं तारी थाक लागे नहीं.. ( २ )
{हुं रंगायो गुरू, हुं भींजायो गुरू हुं खोवायो गुरु ओळखायो गुरू}.. (२)
{ ज्ञान आपे गुरू, ज्ञान आपे गुरू मार्ग आपे गुरू, राग कापे गुरू).. ( २ )
सरगम
निनि सासा रेरे सासा.. (२) निनि सासा गग सासा..(२) निनि सासा मम सासा, निनि सासा मरेसानि पनिसारेग, सारे प मगरेसानि मप सानिसा निसा निसा निसा.. (२) मपसानिसा.. (२) मपसानि, रेमपनिसा...
{ रंग दे तुं रंग दे हां रंग दे साहेब मोहे रंग दे तुं रंग दे हां रंगे दे साहेब मोहे रंग दे तुं रंग दे हां रंगे दे साहेब मोहे रंग दे रंग दे रंग दे }.. (२)
होsss तारा ज रंगमां रंगाई गुरू, एवं में जाणी लीधुं...
मारा मनमां साहेब, मारा उरमां साहेब मारा तनमां साहेब, मारा सूरमां साहेब रोमे रोमे साहेब, श्वासे श्वासे साहेब मारी पडखे साहेब, मारी पासे साहेब मने रंगे साहेब, अंगे अंगे साहेब सदा संगे साहेब, संगे संगे साहेब