Tu Yogi Bani Ne Vicharje








हवे संसार तारो अल्प रहे, ने मनना सवि विकल्प टळे,

ए पंचमपदने पामवानो जे, सत्वशाळी संकल्प फळे, ए वीरप्रभुना उजळे वेषे, तुं योगी बनीने विचरजे, ओ निजानंदी तने अभिवंदी, तुं जोगी बनीने विचर..... तुं जोगी बनीने विचरजे, तुं योगी बनीने विचर.....

जिनवरनी आणा ने क्रियानो संग, ने लडवानो कर्मोथी एवो रे जंग, हार्दिक भावे करूं वंदना प्यारी, "अंकित" थाये जल्दी शिवनारी....

आ संसारे रंगराग केवो, क्यारे करे महात्याग एवो, खुमारीनुं जीवन ज्यां छे, निर्ग्रथो नो विराग केवो, हवे रजोहरण लई नाची झुमी, तुं गुरुवर पगले संचरजे, ओ निजानंदी तने अभिवंदी, तुं जोगी बनीने विचरजे.... तुं योगी बनीने विचरजे....

निर्मळ निर्दोष गुणो जे, नैतिकतानी सुवास भरे, तप त्यागेने वैयावच्चे तूं, चांदनी सम उजाश करे, बस करजोडी तुज बाळ विनवे, तुं महाव्रतोने आचरजे, ओ निजानंदी तने अभिवंदी, तुं जोगी बनीने विचरजे.... तुं योगी बनीने विचरजे....

Lyrics: Ankit Shah (Surat )


Singer ?- Naitikbhai Mehta Music ? Hardikbhai Pasad Lyrics ?️- Ankit Shah Surat
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