Thavu Mare Rajoharan Rasiya
• थायुं मारे रजोहरण रसिया रे
हे... शणगारी संयमनी, मैं साज सवारी रे, अलगारी बनवानी, मैं करी तैयारी रे, मुक्तिना मारगने जोवा, मनथी विचारी रे, गुरुवर संगमां आतम रंगमां आया अवसरीया रे, थावुं मारे रजोहरण रसिया रे...
प्यारा प्रितमनी प्रितने पामी, अरिहंत अविकारी साथमां, व्हाली गुरुमाँ निराळी, पीरसे छे वीरवाणी संगाथमां, आपोने ओघो जल्दी हाथमां.. हे... थनगन नाचवा, निजमां राचवा, उमंग उछळीया रे.... थावुं मारे रजोहरण रसिया रे...
गुरुवर संगमां....
जागी परमनी तरस जागी, मुक्तिनी लगनी लागी जेहथी, एवा श्रमणोनी संगत पामी, बनवुं रे अनुगामी स्नेहथी,
"अंकित" करवुं रे मन तेहथी.. हे... विरती वरवा, व्रतने धरवा, संयम रंगरसिया रे... थावुं मारे रजोहरण रसिया रे... गुरुवर संगमां...
Lyrics: Ankit Shah (Surat)
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