Jagmagta Taarlanu Reprise







धन्य अनन्य ए दृश्य सर्जाशे,

जगमगता तारलानु देरासर थाशे, एनी महीमानु वर्णन देवताओ गारो... (2) सिद्धालय स्वर्ग समु एबंधाशे,

जगमगता तारलानु देरासर थाशे. एनी महीमानु वर्णन देवताओ गाणे.... वर्षीनां सपनाओ साकार थवाना, सुव्रत जिन भक्तोना आधार थवाना

समर्पण अभिव्यक्ति मां भक्ति रंगाशे, एनी महीमानु वर्णन देवताओ गारो... जगमगता तारलानु... 1

सिद्धालय स्वर्ग समु ए बंचारी ...

धर्मध्वजाओ झूलशे गगनमां, उमंगनी तरंग वहेशे पवनमाः

देवलाली आंगणे उत्सव वर्ताशे, एनी महीमानु वर्णन देवताओ गाणे....

जगमगता तारलानु....

जगमगता तारलानु... 2

अप्रतिम प्रतिमानी प्रतिष्ठा थारी... जगमगता

तारलानु.... जिनवर छे आवाना आंगण सजावो, आंगण सजावो सखि आंगण सजावो;

अंतरमा अनहद नाद गजावो, अवसर वधावो रुडो अवसर वधावो....

जिनवर छे आवाना आंगण सजावो, आंगण सजावो सखि आंगण सजावो: अंतरमा अनहद नाद गजावो, उरना उमलकाथी अवसर वधावो:

अवसर वधावो रूडो अवसर बधावो... (2)
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