Tapasvi Ae Manda Lidha Mohi Raj
तर्ज: (गोरी तमे मनडा लीधा मोही राज)
तपस्वी नुं मुखड, सहु जोवा तरसे रे, तपस्वी ने जोता, अम हैया हरखे रे, तपस्वी मनमां मलकाता, जोने शरमथी रे.... रुमझुम रुमझुम शासनदेवी, आंगणे आव्या आज, तपस्वीए मनडा लीधा मोही राज...
गुरुवरने पधरावो आज, संघ ने तेडावो राज, आज मारे आंगणे, आव्यो छे रूडो अवसरीयो, जय जय बोलो तपस्वीनी, जय जय बोलो...
वन, शुभ भाव जाग्यो रे, मुक्ति ना मारग र्गनो, एने रंग लाग्यो रे, गुरुवर केरो संघ पामी, आतम जाग्यो रे, रुमझुम- रुमझुम शासनदेवी, आंगणे आव्या आज, तपस्वी मनडा लीधा मोही राज.....
Rachna: Pu. Sadhvi Bhayagnarekhashriji M. S.
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