Jai Jai Saiyami
जय जय संयमी, जय जय संयमी, जय जय संयमी जय...
गुरु हाथे रजोहरण घरी, परम पंथे प्रयाण करी, बनजेतुं वीरनो साचो वैरागी... जय जय संयमी ...
विनय पामे गौतम तणो, करवा उद्धार आतम तणो, ढढण अईमुत्ता धन्ना अणगार, बनजे तुं संयम शणगार, गुरु हाथे रजोहरण घरी, परम पंथे प्रयाण करी, बनजे तुं वीरनो साचो वैरागी....
जय जय संयमी...
पाळजे तुं अष्ट माता, आपजे सहु जीवने शाता, देवो पण तेने नमे, संयममां जे सदा रमे, देवा वि तं नमसंति, जस्स धमे सया मणो, गुरु हाथे रजोहरण घरी, परम पंथे प्रयाण करी, बनजे तुं वीरनो साचो वैरागी....
जय जय संयमी...
Rachna: Muniraj Rajrashi Vijayji MS