Aavjo Mann Mandiriye
सुंदर आ देहरामा सोही रह्या छो. भविजनना मन मोही रह्या छो... (2) अर्जी हवे छे साजना, करवी हवे छे प्रार्थनाः आवजो मन मंदिरिये, आवजो मन मंदिरिये.....
आवजो मन मंदिरिये....
हृदयाना आंगणे आप पधारो,
पाप खपावी मननी शोभा बधारी;
हृदयाना आंगणे आप पधारो, दुखियाना बेली प्रभुवर आप सहारो;
टालवाने आवो यातना, आ ज हवे छे याचना....
आवजो मन मंदिरिये...
आवजो मन मंदिरिये, मन मंदिरिये आवजी
आवजो मन मंदिरिये, मन मंदिरिये आवजो....
तारी प्रतिष्ठा मारा मनमा छे करवी.
कायानी माया तारा चरणोमा धरवी... (2) पालवी छे हवे छे आज्ञा, साधवी हवे छे साधना.....
आवजो मन मंदिरिये....
LYRICS:- JAINAM SANGHVI