Namo Vitraagi
नमो वीतरागी, गिरनारी नेम,
वैरागी, निर्विकारी, मारो नेम,
मोहीनी तोरी, लागी शामळीया नेम, मारे ब्रह्मचारी बनवुं, व्हाला नेम.... तुं जाणे छे सघळं, कई वात हुं तुजने करूं? तने निरखी निरखीने, हुं आंखथी तुजने पीउं, राजुल बनी नेमनो हुं हाथ ग्रहूं नेम नामनुं पानेतर, तन पर ओढुं, राजुल बनी नेमना, हुं संगे चलूं, नेम नामनुं सिंदूर, सेंथीमां भरु..
नमो वीतरागी, गिरनारी नेम, वैरागी, निर्विकारी, मारो नेम, मोहीनी तोरी, लागी शामळीया नेम, मारे ब्रह्मचारी बनवु व्हाला नेम..... आंखोमां झळके छे, सपनाओ पण तारा, दिल मारुं धबके छे, धबकार पण तारा, राजुल बनी नेमने, हुं हृदीए धरु, STA नेम नामना, मंगळसूत्रने अवधार, JHAY राजुल बनी नेमना, हुं चरणो चुर्मू, नेम नामने सुणता, रोमांचित बनुं..
नेम संगे बन्यो, नेमनाथनो रागी, 1. राजुल धवानी, लगन के भारी, प्रियतम नेमना, रंगे रंगाई, बनवु छे मारे, गिरनारी.....
नेम व्हालो, नेम प्यारो, नेम छे धबकार, नेम देखूं, नेम पीउं, नेम छे भरथार....
Rachna: Pujya Muniraj Shri Nyayratna Vijayji MS
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