Mado Saiyam
जूठी जगनी माया छे, संयमनो अभिलाष, तीर्थंकरनो पंथडो, धरुं मुक्तिनी आश, शौर्य तुं दे मुजमां अपार, रोमेरोमे विरती संचार, गुरुवरना हस्ते मळे, रजोहरणनुं मुजने दान, मळो संयम..मळो संयम..मळो संयम.. प्यारो संयम...
सिद्धशीलामां वास करवा, धरवा छे वीरवेश उजळां, मोहराजाने मात आपी, कषायोने करवा छे सवळां, पंचमहाव्रत हो मुज प्राण, गुरुआणा बनजो मुज श्वास, तारणहारा गुरूवरथी, निकट लागशे मोक्षना द्वार, मळो संयम.. मळो संयम.. मळो संयम.. प्यारो संयम...
वात्सल्य-करुणाथी भर्यां, एवा गुरुवर मुजने मळिया, रागी थी वीतरागी थवाना, भाव उरमां आजे प्रगट्या, पगले प्रभुनां चालवा काज, गुणशृंगारनो सजवो साज, प्रवज्या रसनो पान करवा, त्यजवो मारे आ संसार, मळो संयम.. मळो संयम..मळो संयम.. प्यारो संयम...
Lyrics: Chaitali Kubadia
Singer - Mumukshu Saloni Jain
Project By - CA Devansh Doshi