Saiyam Sagpan Sachu
देव गुरुनी साथे करवुं छे सगपण, मोंघेरा मानव भवनुं, आ साचुं गळपण, के संयम सगपण साधुं हुं ओघो लईने नाचुं....
मतलब नी दुनिया, स्वार्थी सगासौ, अहीं पल-पल दुख छे, छे विडंबना बहुं, जाउं संयम पंथे, सुख छे ज्यां पल-पल, साधना नी मस्ती, आनंद छलोछल, देव-गुरुना सानिध्ये हुं, संयम जीवन पाळूं, वीरना पंथे वैरागी थई, कर्मों ने ओगाळु, के संयम सगपण साचुं हुं ओघो लईने नाचुं...
, मुजने पुछे छे, शुं तुं अमने छोडी, साचे दीक्षा लेशे ? आज सौनी सामे, एलान करूं छु, हा हुं तमने छोडी, जाउं प्रभुना देशे, उतावळ शेनी छे मुजने, केम करी बतलावुं, ओ मारा स्वजनो हुं तमने, केम करी समजावुं, के संयम सगपण साचुं हुं ओघो लईने नाचुं....
Rachna: Pu. Hemratna Vijayji M. S
Singer
Diksharthi Silvi Ben
Lyrics
Pujya Muniraj Shri Hemratna Vijayji Mahraj Saheb
Music
CA Devansh Doshi