Prabhu mane maljo ne
प्रभु मने मळजो ने, प्रभु हवे फळजो ने...
प्रभु मने मळजो ने प्रभु हवे फळजो ने..
रजोहरण प्रभु आपजो..प्रभु आपजो आपना ज हाथे.. {२}
हो... पशुओने उगार्या, एम भवथी मुजने उगारो, राजुल ने तमे तारी, एम नावडी मारी तारो, पकडोने मारो हाथ, बनजो ने मारा नाथ, सिध्धशीला पर रहेशुं आपणे संगाथे.. (२) दुःखो मारा प्रभु टाळजो..प्रभु टाळजो.. सुखना रे स्वामी, प्रभु मने मळजो ने, प्रभु हवे फळजो ने... [१]
हो... नवपद मां प्रभुजी मने पंचमस्थान आपो, तव हैया केरा आंगणे तमे मारुं नाम राखो, कंकुना छांटणा, केसर ना साथीया, अक्षते वधावीश मारा नाथ तने.. ( २ ) सोना रूपा ना फूलडे प्रभु.. फूलडे प्रभु.. तमने सजावीश, प्रभु मने मळजो ने, प्रभु हवे फळजो ने... [२]
हो... पंचमहाव्रत प्रभुजी मने आपजो आपना मुखथी, केशनुं लुंचन करजो, प्रभु आपना हाथेथी,
रजोहरण आपजो, वैराग्य प्रगटावजो, साधु तणो वेश प्रभुजी आपजो मने.. (२) गिरनारे योगी थई.. योगी थई.. मुक्ति ने हुं पामुं, प्रभु मने मळजो ने प्रभु हवे फळजो ने... [३]
नेम प्रभुजी तारजो, भवथी पार उतारजो.. (२) प्रभु आज्ञा ने हुं वरु, कर्म सघळा हुं हरु..(२) प्रभु मने मळजो ने, प्रभु हवे फळजो ने.. (२) रजोहरण आपजो मने आपना ज हाथे.. (४)
Lyrics: P. P. Bhavyaghanrekha Shriji MS & Kaivan Shah