Raja Rushi
मारा वाला ऋषभ जिणंद, मरूदेवा हरखे जोई जोई नाभिकुंवर.. (२) सिद्धाचल दरबारे मोटो राजीयो, रायण वृक्ष बोले आतो मारो सायबो, राजा ऋषि ऋषभ जिणंदा.. (२) मारा वाला ऋषभ जिणंद...
पूर्व नव्वाणुं वार ऋषभजी, सिध्धगिरी ने पावन करता, कांकरे कांकरे ज्यां सिध्या साधु अनंता... रायण छाये बेसी ऋषभजी, भवि जीवने दीये देशना, मारा वाला ऋषभ जिणंद...
अलबेलो आदिनाथ ज्यां शोभे, पुंडरिक गणधर सामे बिराजे, ए गिरीवरनो छे महिमा जगमां मोटो... मनगमतो भगवंत मळ्यो, शेत्रुंजयनो संग मळ्यो,
मारा वाला ऋषभ जिणंद...
Lyrics: Kaivan Shah (Surat)