Siddhachal Na Shikharo Ne Vandan
तीर्थोमा जेने कीधु महातीर्थ छे,
शत्रुंजय ए महा तीर्थ नुं नाम छे...
कांकरे कांकरे, थया सिद्ध अनंत, जाणी लो जाणी लो... भवि आतमने ज, मळे छे आ तक, माणी लो माणी लो...
पूर्व नवाणुं वार, ज्यां पधार्या आदिनाथ, एवो शाश्वत छे गिरिराज... ए गिरिने भेटतां, थई जशे भवपार, एवी श्रद्धा धरूं महाराज...
सिद्धाचलना शिखरोने वंदन, शत्रुंजयना शिखरोने वंदन....
तळेटी थी जात्रानी, करुं हुं शुभ शरुआ दोडीने रामपोळ पहोचुं, मळशे दादानो संगाथ,
सात श्वासो लई, मूर्ति अंजन थई, एवा दादा बिराजे छे ज्यां... भावथी जे चडे, एना कर्मों खपे, भरत क्षेत्रनं मोक्ष छे ज्यां...
ना शिखरोने वंदन, शत्रुंजयना शिखरोने वंदन....
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Lyrics: Sagar P. Shah