Mamah Munda Veh










क्यारे आवशे तु..(२) क्यारे आवशे तुं रजोहरण मारे हाथ....


तुं परमनो सथवारो, मारा रामने तुं छे प्यारो, बस तारा ज संगे वस के दिन-रात, तुं महाव्रतो संभाळे, तुं संयमने अजवाळे, कर्मोंनो सफायो तारे हाथ, मम मुंडावेह, मम पव्वावेह, मम वेसं समप्पेह...


ओ मारा व्हाला गुरु, तमे हेज धरीने देजो रे, श्रमणनो आ वेष भ्रमण हरनार, ताणे वाणे आण जिननी, रात-दिन हृदय रमे, एवा रंगे रंगजो श्रीकार,


मम मुंडावेह, मम पव्वावेह, मम वेसं समप्पेह...


ओ मारा कल्याणकारी, मावतर ने वंदना, मुज पर वरस्या छे तुज उपकार, आंगळी झालीने लाव्या, सद्गुरुनी छायामां, ज्यां रही में विसर्यो संसार, मम मुंडावेह, मम पव्वावेह, मम वेसं समप्पेह...


पुण्यपंथे..(२) आ पुण्यपंथे, आवजो मारी साथ...


Rachna: Pu. Sa. Shri Punyaratnashriji MS




Next Up Clear ×

Your queue is empty, Click the play button on an album, song, or playlist to add it to your queue

JinRaag JinRaag : / :