Mujhe Hai Pratiksha, Kab Mile Diksha
मुझे है प्रतिक्षा कब मिले दीक्षा
मुझे है प्रतिक्षा कब मिले दीक्षा प्रभु वीर की दीक्षा आत्मोद्धार की मुझे है प्रतिक्षा कब मिलेगी दीक्षा
यह संसार असार कौन है मेरा आधार नहीं कोई आधार रोता में अनराधार आधार एक ही दीक्षा तेरी प्रभु वीर की दीक्षा आत्मोद्धार की मुझे है प्रतिक्षा कब मिलेगी दीक्षा
युगों से करता आया हूँ पोकार मारे बनवू अणगार, अणगार मांगु गुरुजी से एक ही भिक्षा प्रभु वीर की दीक्षा आत्मोद्धार की मुझे है प्रतिक्षा कब मिलेगी दीक्षा
वीर प्रभु का परिवार करूँगा में स्वीकार तरने को संसार मुझे जिसका इंतजार जयन्त जिनागम की एक ही अपेक्षा प्रभु वीर की दीक्षा आत्मोद्धार की मुझे है प्रतिक्षा कब मिलेगी दीक्षा आधार एक ही दीक्षा तेरी प्रभु वीर की दीक्षा मांगु गुरुजी से एक ही भिक्षा प्रभु वीर की दीक्षा
मुजे है प्रतिक्षा कब मिले दीक्षा प्रभु वीर की दीक्षा आत्मोद्धार की मुझे है प्रतिक्षा कब मिलेगी दीक्षा