Mhara Vhala Prabhu
मारा व्हाला प्रभु ! क्यारे मळशो मने, मारी आशा पुरी, क्यारे करशो तमे... ( १ )
करूणा सागर तमारू विरूद प्रभु, करूणा करशो ए आशा करूं हुं प्रभु, राज- दिवस हुं समरू घुं प्रभु तुजने... मारी
मारी कबुलात छे के पतित हतो हुं, पण पतितोने तारनारो एकज छे तुं पतित पावन बनी क्यारे आवशो तमे... मारी
तुजने निरखी शकुं, एवी दृष्टि तुं दे, तुजने ओळखी शकु, एवी शक्ति तुं दे, तारी छाया ने मायामां रहेवुं गमे... .मारी