Oh Virla Re Tuj Hit Ni Prite
ओ विरला रे, तुज हितनी प्रीते, आशिषनुं सरवर, छलक्युं छे आजे, गुरुकुल छे उपवन, तुं थजे फुवारो, गुरुवर चरणो छे, शिवनगर सहारो...
तन-मन नी पीडा वेठी, तुं प्रमाद पथ्थर ठेकी, स्वाध्याय संगीते, मस्ती माणजे... अभिमान नी अग्नि ठारी, सन्माननी ईच्छा मारी, पर गुणोने तुं, निजमां ढाळजे...
ओ विरला रे, तुज हितनी प्रीते, आशिषनुं सरवर, छलक्युं छे आजे, गुरुकुल छे उपवन, तुं थजे फुवारो, गुरुवर चरणो छे, शिवनगर सहारो...
अंजन, थशे नयनोमां, विरागतानां, STAR नयनो, ढाळे - उध ए नयनो, ढाळे-उधाडे, गुरु आणHHAY फरियादनी फेरी वाळी, विषयो ने कषायो बाळी, उच्च आलंबनने, जननी मानजे...
वैयावच्च वर्तन ने विनयथी, सिद्धशीला ने लक्षमां राखी, ए मुनी ओना वृंदने दीपावजे ...
ओ विरला रे, तुज हितनी प्रीते, आशिषनुं सरवर, छलक्युं छे आजे, गुरुकुल छे उपवन, तुं थजे फुवारो, गुरुवर चरणो छे, शिवनगर सहारो...
Inspired from the Vairagya filled verses of "Maulik Shah"
Credits -
Singer - Jainam Varia
Lyrics -Inspired from the vairagya filled verses of Shri Maulik bhai
Music - Hardik Pasad
Video - Meet S Gogri