SAIYAM NI KARO TAIYARI
धीरे धीरे नहीं, झटपट मारे, छोडवी आ दुनियादारी,
आ भव, परभव ने, भवभवनी आपी समजदारी, आवी रही छे, "हेमपथ"नी वैरागी सवारी, व्हालमजी मारा, प्रीतमजी मारा, व्हालमजी मारा, संयमनी करो तैयारी...
ईंट चुनानां भारे धरखम घरमा रही मूंझाउं, संबंधोना ताणा-वाणामां रहीने हुं रुंधाउं हवे मळे छे... निर्दोषभूमि ने साधुनी दोस्तारी, व्हालमजी मारा, प्रीतमजी मारा, व्हालमजी मारा, संयमनी करो तैयारी...
बोजा विनानुं भणतर छे ने सजा विनानी शिक्षा, गाम- गामनी प्रेमभावनी पावनकारी भिक्षा, उत्सव महोत्सवना... रंगोमा रहेवुं छे अलगारी, STAVAN SAJJHAY व्हालमजी मारा, प्रीतमजी मारा, व्हालमजी मारा, संयमनी करो तैयारी...
प्रभुनां पगले पगले चालुं खबर नहीं रस्तानी, हे जिनवरजी... मुज भाग्य "उदय" थी वेष त्यजु संसारी,
सरनामां विनानी दुनिया मोजीली मस्तानी, व्हालमजी मारा, प्रीतमजी मारा, व्हालमजी मारा, संयमनी करो तैयारी...
Lyrics:-
Pu. Acharya bhagwant Udayratna Suriji M.s.
Singer:-
Shivam Singh and Umang Bhavshar
Video by:-
Darshan Jain