Rom Rom Me Hai Saiyam
संयम के वीर को भाव से हो वंदन शासन के हीर को हृदय से हो वंदन (x2)
मोह के बने जो सारे बंधन (हा बंधन) छोड़ के चले महावीर नंदन (हा नंदन ) सिर झुकाके देव भी करे नमन (करे नमन) मोक्ष के आनंद की बस है लगन ( है लगन)
रोम रोम में है संयम
धड़कनों में गूंजे संयम ख्वाब में भी है ये प्यारा संयम... (x2)
परमपिता का अंश है
गौतम गुरु का वंश है राजाओं के राजा का राजपंथ है संसार से विरक्त है करुणासागर महावीर का जो भक्त है भक्त है.... भक्त है...
गुरु आणा में ही रक्त है
रोम रोम में है संयम धड़कनों में गूंजे संयम ख्वाब में भी है ये प्यारा संयम... (x2)
Credits:
Singer: Sani Shah
Music Composer & Lyricist:
Pujya Aacharyashri Tirthbhadrasuri Maharaja's disciple Pujya Munishri Tirthsundarvijayji Ms
Music: Hitesh Udani
Shot & Video by Prit Shah