Hum Chale Shikharji
हम चले शिखरजी, सब चले शिखरजी...
मिलने पारसजी, हम चले शिखरजी...
पूरब भारत की शान है, कल्याणको में सिरताज है...
तीर्थंकरों की साधक भूमि, मुक्ति का जो सरनाम है...
सृष्टि का जो सौंदर्य है, धरती का जो ऐश्वर्य है...
प्रभु के जहां पगले वहां हम चले...
हम चले शिखरजी, सब चले शिखरजी...
मिलने पारसजी, हम चले शिखरजी...
ये मधुबन है, मोक्ष उपवन है,महके ये प्रभु साधनासे...
अनशन कर यहां बीस जिनवरजी सिद्धशिला को पाए...
अजीत से श्रेयांशजी, विमल से नमी और पार्श्वजी...
प्रभु के जहां स्पंदन वहां हम चले...
हम चले शिखरजी, सब चले शिखरजी...
मिलने पारसजी, हम चले शिखरजी...
पुण्यभूमि ये, पावन पवित्र, झूमे ये प्रभु स्पर्शनासे...
३१ टुंको की ये मुक्ति नगरी, जहां जलमंदिर जगमगाये...
भोमियाजी को करके प्रणाम, शामलाजी का सब लेके नाम...
प्रभु के जहां दर्शन वहां हम चले...
हम चले शिखरजी, सब चले शिखरजी...
मिलने पारसजी, हम चले शिखरजी...
Upkari Prerna Daata :
Pa.Pu.Acharya Gurudev Shri Abhayshekhar Suri Ms.
Pa.Pu.Muniraj Shri Hemshekhar Vijayji Ms.
Singer/Lyrics/Composed By :
Paras Gada
Music :
Hardik Pasad
Flute :
Sandeep Kulkarni
Chorus Design :
Jaydeep Swadia And Team
Video :
Param Path
Prashant Chourdia
Special Thanks :
Deepak Raikar
Samkit Group
Raj Parivaar