Girnari
यदु कुल का तू चंदा नेमि बड़ा ही दयाला जी
, जग को शीतलता देता चढे डुंगरी
जंगल में फूलों जैसा प्रेम रस वाला तू।
राजुल रस आई पीने बने भँवरी
गिरनारी ... तेरी प्रतिमा सबके , मन को लुभावे रे हो ....
ॐ नेमिनाथ नमः ॐ नेमिनाथ
धरती का वह तिलक समाना
पाता है जग में बहुमाना
पावन है गिरनारा... गिरनारी
न्हवणा मैं देखूँ तेरा मन को लुभावा जी वो मन को लुभावां
काले काले मुखड़े पे प्यारा वो जी
काले बादल में चंदा मामा ज्यों प्यारा
न्हवणा प्यारा वो लागे भगतों को जी
सोने का मुकुटा नेमि लागे सुहाना
टीका हिरों का मन भावन जी
सेवा मैं चाहूँ तेरी अवसर हूँ मांगता
आशा वो पूरी होगी अन्तर की जी "
कान्ति मणि " विनंति करता नेमि " तेरे चरणे
साथ मेरे रहना मेरी छाँव सा हो जी
मेरा नेमि है गिरनारी , करता भक्तों की रखवारी। नेमिनाथ रे .. , राजुलनाथ रे ...
तेरी महिमा है अतिभारी , गाती है दुनिया ये सारी नेमिनाथ रे .. राजुलनाथ रे
नेमिनाथाजी भक्त तेरा यह गाता जी
शरणे तेरे आताजी पाता हर पल शाता जी ×2
कालेया शिखरो वाला मेरा नेमि बाबा
चढके गिरनार बैठा नेमिनाथजी ।
SONGS:-GIRNARI
MUSIC/MIXING -HARDIK PASAD
LYRICS -MUNI SHREYANS PRABH SAGAR JI "NEMI"
SINGER -JAINAM VARIA & PARAS GADA