Jinshasanam



जयवंतु देदिप्यमान आ मारा वीरनु जिनशासनम् मने गर्व छे, मारु भाग्य छे, मने सांपड्यु वीरशासनम्
ए छे अम भाग्यविधाता एनी गौरवशाळी गाथा प्रण लईए उंची राखशु एनी परम पवित्र पताका जयवंतु........
अनंत उपकारी तिर्थंकर शासन ने स्थापे.. चतुर्विध श्री संघ नी आगळ देशना ए आपे.. जिन वाणी नु श्रवण करता नर-नारी पामे.. प्रभुए चिंध्या मारगे चाली पहोंचे मोक्षधामे...
जिनवचनो ने शिरधारी सम्यक दर्शन अनुसारी शासन सुभटोए प्रज्वलित करी जिनशासन नी खुमारी.....
तिर्थ रक्षा संभाळी कोईए विहार सेवा झाली जिवदया काजे वीरोए प्राण दिधा ढाळी अनुकंपा मा समय ने संपत्ति ने फाळी.. तपस्वीओ पामे सिद्धीने कर्मोने बाळी... ज्ञानीओ श्रुत प्रसरावे युवा उत्कर्ष करावे आदर्शो ने संस्कृति काजे राजप्रतिबोध आपे.... जयवंतु.........

Singer - Jainam Varia
Lyrics - Sanket Gandhi
Concept by - Hardik Pasad
Music by - Hardik Pasad
Kids chorus -
Helee Dedhia Krisha Dedhia Dhairya Shah Jia Shah Viha Pasad

Song

Artist

Jainam Varia

Album

Jinshasanam

Licensed to YouTube by

Believe Music (on behalf of Pasad Productions)


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