Mann Mohi Lidhu Girnare Unplugged

Singer : Bhavik Shah & Harshit Shah.
Music : Hitesh Udani





मन मोही लीथं गिरनारे...

तर्ज: (मला वेड लागले प्रेमाचे)

यादो मा ने स्वप्नो मा बस, तुं छे दिन रात, ज्यारे थी भेट्यो तुजने, बस एक तारी वात, तुं दोष संताप टाळे, तुं भवसागर थी उगारे, तुं कर्म कोडो ना बाळे, तुं पापी ने पण तारे... मन मोही लीधुं गिरनार, चित्त चोरी लीधुं नेमकुमारे... सौ चालो, गिरनारे... गिरनारे... सौ चालो, नेमजी ना द्वारे... नेमजी ना द्वारे...

ज्यां साधना नी बहार छे, सिद्धि नो जे दातार छे, सौंदर्य एवं अपार छे, देवलोक ने पडकार छ, सहसावने संयम अंगीकार, कैवल्य ने वर्या नेमकुमार, समवसरण जिनबींब जुहार, रह नेमि ने तर्या राजुल नार... मन मोही लीधुं गिरनार, चित्त चोरी लीधुं नेमकुमारे... सौ चालो, गिरनारे... गिरनारे...

सौ चालो, नेमजी ना द्वारे... नेमजी ना द्वारे...

अरीष्ट ने अंजन समा, गिरनार ना शणगार छे, जेना प्रभावे कैंक नो, तूट्यो अनंत संसार छे, बिराजे प्यारा नेमकुमार, छे धन्य धन्य ते कर्णविहार, वर्षावता ते ब्रह्म जळधार, सवी जीव ना ते तारणहार.. मन मोही लीधुं गिरनार, चित्त चोरी लीधुं नेमकुमारे... सौ चालो, गिरनारे... गिरनारे...

सौ चालो, नेमजी ना द्वारे... नेमजी ना द्वारे...

Lyrics: Bhavik Shah (Mulund)
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