Aaj Aankhe Paani Che
रजोहरण वहोरावुं गुरुवर, आजे आंखे पाणी छे आपुं साथे दिलनो टुकडो, जाळवजो हे स्वामी
नीकळी पडशे थोडी क्षणमां, ए वैरागी वाटे रे; फरशे ना ए पाछा क्यारे, एनी वेदना झाझी छे... आपुं..
परमना मारग संचरशे, आपनी आंगळी झालीने;
आज सुधी जे आंगळी झाली, देशे तेने छोडी रे... आपुं.. जागी गयो छे एनो आतम, सूतो आज अमारो रे; एना पगले जावुं एकदि' आज न हो अम शक्ति रे... आपुं..
रामचंद्र - गुण - कीर्तियशसूरि, विनती एक अमारी रे, रजोहरण पामुं तुम हाथे, दिव्य ए अभिलाष छे... आपुं..
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Aaj Aankhe Paani Che · Manan Sanghvi · Manan Shah · Muni Divyayash Vijayji